भाकृअनुप - केन्द्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान
(आई0 एस0 ओ0 9001:2008 - प्रमाणित संगठन)
   
समाचार [View All]
1. स्व: चौ. चरण सिंह के जन्म दिवस के उपलक्ष्य मे “किसान सम्मान दिवस” एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन दिनांक 23.12.2016
(Update 26 Dec 16)


2. Additional Secretary (DARE) & Secretary (ICAR) and DDG (Agriculture Extension)
(visited on 20 Dec 16)


3. Advertisement for filling up Young Professional-I.
(Update 15 Dec 16)


4. List of Holidays Year 2017
(Update 17 Oct 16)


5. संस्थान मे 2 अक्टूबर, 2016 को स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारीयों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
(Update 4 Oct 16)


6. Kisan Gosthi and Animal Health Camp organised on 01.10.2016 at Kalanjari village (Update 3 Oct 16)

7. Kisan Gosthi and Animal Health Camp organized at Anjoli and Shoharaka village under Mera Gaon Mera Gaurav.
(Update 29 Sep 16)


8. केन्द्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान को किसान प्रदर्शनी मे प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
(Update 10 March 16)


9. Rate of Screening of Genetic Diseases of Cattle

10. New rates of semen from 27.3.2015
केन्द्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान-मेरठ में आपका स्वागत है - मेरठ
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डॉ. ब्रहम प्रकाश
निदेशक
निदेशक का संदेश
पुरातनकाल से ही भारत मे दुधारू पशुओ का प्रजनन एवं पालन-पोषण परंपरागत तरीके से हो रहा है। गाय को भारतीय संस्कृति में पूजनीय माना जाता है। भारत मे गाय के समान उपयोगी अन्य किसी पशु को नहीं माना जाता। किसानो की समपन्नता का मूल्यांकन गोपशुओ के स्वास्थ्य एवं संख्या से ही आँका जाता रहा है। भारत में गोवंश की संख्या विश्व की कुल संख्या का लगभग 16 प्रतिषत है। हमारा देश कुल दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पिछले एक दशक से प्रथम स्थान पर है। लेकिन प्रति पशु दुग्ध उत्पादन काफी कम है। पशुओ की उत्पादन क्षमता मूलतः उसकी नस्ल पर निर्भर करती है। 2012 के पशुगणना के अनुसार गोवंश की जनसंख्या लगभग 190 मिलियन है।
उसमे से लगभग 33 लाख संकरनस्ल के गोवंश हैं। हमारे देश का कुल दुग्ध उत्पादन 2012-13 में लगभग 133 मिलियन मीट्रिक टन था। इस संस्थान द्वारा विभिन्न विकास कार्यक्रमो के माध्यम से देश मे गोवंश की उत्पादकता में सुधार लाने के लिए कार्य किया जा रहा है। संस्थान की परियोजनाओ की विस्तृत जानकारी इस वैबसाइट पर उपलब्ध है। इस वैबसाइट पर उपलब्ध जानकारी छात्रों, योजनाकारों, पशुपालकों एवं विकास कार्यों में लगे हुए लोगों के उपयुक्त सिद्ध हो सकते हैं। जिससे देश में प्रति ब्यात दुग्ध उत्पादकता बढाने में भी सहायक सिद्ध होगी। हमारी वैबसाइट को और अधिक उपयोगी बनाने के लिए कोई उपयोगी सुझाव हो तो हम इसका स्वागत करेंगें।
दूरदृष्टि
उच्च उत्पादकता और लाभप्रदता के लिए गोवंश सुधार।
मिशन (विशेष कार्य)
उत्पादकता और लाभप्रदता को साकार करने के लिए जर्मप्लाज्म सुधार और प्रौद्योगिकी विकास।
अधिदेश
अधिक उत्पादन के लिये संकर नस्ल की गायों के आनुवांशिक सुधार के साथ-साथ एक नई संकर नस्ल फ्रीजवाल को विकसित करना, देशी नस्लों मे दुग्ध उत्पादन एवं भार वाहक क्षमता बढ़ाना तथा संकर सांडो का क्षेत्रीय संतति परीक्षण कर गायों का आनुवांशिक स्तर सुधारना|